यही वह नायाब पल है जब हिंदी सिनेमा की रंग दे बसंती या तारे ज़मीन पर वाली आहट आती है – जहां दर्शक चुप हो जाता है। एंडी अपनी कोठरी में एक छोटा-सा हथौड़ा (रॉक हैमर) मांगता है। रेड मजाक में कहता है – "इस हथौड़े से तो दीवार तोड़ने में 600 साल लगेंगे।"
"जो जीना चाहते हैं, वो रास्ता ढूंढ़ लेते हैं। बाकी सिर्फ़ कैद रहते हैं।"
याद कीजिए वह सीन: जब एंडी जेल के स्पीकर पर मोज़ार्ट का ऑपेरा बजा देता है। पूरी जेल की सन्नाटा हो जाती है। रेड कहता है – "हम समझ नहीं पाए कि वे दो इतालवी औरतें क्या गा रही थीं, लेकिन उस पल हर सलाख ने अपना अर्थ खो दिया।"
एंडी कहता है –
लेकिन फिल्म के अंत में हम जानते हैं – एंडी ने सिर्फ 19 सालों में वो दीवार तोड़ दी, और वो भी पीछे लगी रीटा हेवर्थ , मैरिलिन मुनरो या राकेल वेल्च की पोस्टर के पीछे।
लेकिन एंडी अलग है। वह कहता है – और फिर वही एंडी हमें सिखाता है कि असली ताकत उम्मीद को जिंदा रखने में है, लेकिन उसे बोलने में नहीं, बल्कि चुपके से उस पर काम करने में है। रेड और एंडी: दोस्ती जो सलाखों पार होती है मॉर्गन फ्रीमैन का किरदार – एलिस बॉयड "रेड" रेडिंग – इस फिल्म की आवाज है। वह जेल का वह बुजुर्ग कैदी है जो "जो सामान ला सकता है" (the guy who can get things)। उसके और एंडी के रिश्ते की बुनियाद किसी जेल में नहीं, बल्कि आज़ादी के सपने में बंधती है।
हिंदी में कहें तो –
एंडी गटर (सीवर) में से रेंगकर बाहर निकलता है – बारिश में खड़ा होकर आसमान की तरफ देखता है। यह सीन सिनेमा के इतिहास का सबसे शुद्ध आनंद है। वह बारिश उसके ऊपर से उसका डर, उसकी सजा और उसकी निराशा धो देती है। ईमानदारी से कहूं तो – कोई नहीं । एकमात्र शिकायत ये हो सकती है कि फिल्म बहुत धीमी है। लेकिन वह धीमापन ही इसकी ताकत है। जैसे कोई पुरानी किताब पढ़ते हुए आप हर शब्द में उतरते हैं, वैसे ही ये फिल्म आपमें उतरती है। हिंदी दर्शकों के लिए विशेष नोट अगर आपने अग्निपथ (पुरानी) का वो संवाद सुना है – "ये मौत का सौदागर नहीं... जीवन का है" – तो शॉशैंक उसी तरह का काव्य है। अगर आप 3 इडियट्स में रैचो के "आल इज वेल" वाले दर्शन से जुड़ते हैं, तो एंडी का "होप इज ए गुड थिंग" आपके दिल को छू लेगा। अंतिम फैसला द शॉशैंक रिडेम्पशन सिर्फ एक जेल ड्रामा नहीं है। यह एक आध्यात्मिक यात्रा है। यह हर उस इंसान को देखनी चाहिए जो लगता है कि उसकी जिंदगी एक कैद है – शादी में फंसा, नौकरी में फंसा, कर्ज में फंसा या फिर अपनी ही सोच में कैद।


Redemption In Hindi — The Shawshank
यही वह नायाब पल है जब हिंदी सिनेमा की रंग दे बसंती या तारे ज़मीन पर वाली आहट आती है – जहां दर्शक चुप हो जाता है। एंडी अपनी कोठरी में एक छोटा-सा हथौड़ा (रॉक हैमर) मांगता है। रेड मजाक में कहता है – "इस हथौड़े से तो दीवार तोड़ने में 600 साल लगेंगे।"
"जो जीना चाहते हैं, वो रास्ता ढूंढ़ लेते हैं। बाकी सिर्फ़ कैद रहते हैं।"
याद कीजिए वह सीन: जब एंडी जेल के स्पीकर पर मोज़ार्ट का ऑपेरा बजा देता है। पूरी जेल की सन्नाटा हो जाती है। रेड कहता है – "हम समझ नहीं पाए कि वे दो इतालवी औरतें क्या गा रही थीं, लेकिन उस पल हर सलाख ने अपना अर्थ खो दिया।" the shawshank redemption in hindi
एंडी कहता है –
लेकिन फिल्म के अंत में हम जानते हैं – एंडी ने सिर्फ 19 सालों में वो दीवार तोड़ दी, और वो भी पीछे लगी रीटा हेवर्थ , मैरिलिन मुनरो या राकेल वेल्च की पोस्टर के पीछे। नौकरी में फंसा
लेकिन एंडी अलग है। वह कहता है – और फिर वही एंडी हमें सिखाता है कि असली ताकत उम्मीद को जिंदा रखने में है, लेकिन उसे बोलने में नहीं, बल्कि चुपके से उस पर काम करने में है। रेड और एंडी: दोस्ती जो सलाखों पार होती है मॉर्गन फ्रीमैन का किरदार – एलिस बॉयड "रेड" रेडिंग – इस फिल्म की आवाज है। वह जेल का वह बुजुर्ग कैदी है जो "जो सामान ला सकता है" (the guy who can get things)। उसके और एंडी के रिश्ते की बुनियाद किसी जेल में नहीं, बल्कि आज़ादी के सपने में बंधती है।
हिंदी में कहें तो – the shawshank redemption in hindi
एंडी गटर (सीवर) में से रेंगकर बाहर निकलता है – बारिश में खड़ा होकर आसमान की तरफ देखता है। यह सीन सिनेमा के इतिहास का सबसे शुद्ध आनंद है। वह बारिश उसके ऊपर से उसका डर, उसकी सजा और उसकी निराशा धो देती है। ईमानदारी से कहूं तो – कोई नहीं । एकमात्र शिकायत ये हो सकती है कि फिल्म बहुत धीमी है। लेकिन वह धीमापन ही इसकी ताकत है। जैसे कोई पुरानी किताब पढ़ते हुए आप हर शब्द में उतरते हैं, वैसे ही ये फिल्म आपमें उतरती है। हिंदी दर्शकों के लिए विशेष नोट अगर आपने अग्निपथ (पुरानी) का वो संवाद सुना है – "ये मौत का सौदागर नहीं... जीवन का है" – तो शॉशैंक उसी तरह का काव्य है। अगर आप 3 इडियट्स में रैचो के "आल इज वेल" वाले दर्शन से जुड़ते हैं, तो एंडी का "होप इज ए गुड थिंग" आपके दिल को छू लेगा। अंतिम फैसला द शॉशैंक रिडेम्पशन सिर्फ एक जेल ड्रामा नहीं है। यह एक आध्यात्मिक यात्रा है। यह हर उस इंसान को देखनी चाहिए जो लगता है कि उसकी जिंदगी एक कैद है – शादी में फंसा, नौकरी में फंसा, कर्ज में फंसा या फिर अपनी ही सोच में कैद।
感谢分享,楼主无私!
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